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उज्जैन फायर ऑडिट के लिए 107 होटल सहित 26 हॉस्पिटलों को चेतावनी
सूत्रों के अनुसार होटल और हॉस्पिटल संचालकों को शासन द्वारा रजिस्टर्ड फायर कंसल्टेंट से ही यह कार्य करवाना है। फायर कंसल्टेंट को शासन ने इस कार्य के लिए रजिस्टर्ड कर रखा है। बता दें कि होटल और हॉस्पिटल में अग्निकांड के दौरान वहां के उपकरणों से आग को काबू में किया जा सके, इस स्थिति में वहां के अग्नि नियंत्रण से जुड़े उपकरण व व्यवस्था है या नहीं, यही जांचने व परखने के लिए उक्त ऑडिट करवाया जाता है।
शासन की डेड लाइन 30 नवंबर…
शहर के उन हॉस्पिटल या नर्सिंग होम की मुश्किलें बढऩे वाली हैं, जिन्होंने अब तक फायर ऑडिट नहीं कराया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। यदि 30 नवंबर तक फायर ऑडिट नहीं होता है, तो हॉस्पिटल के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन खत्म किए जा सकते हैं। ऐसे हॉस्पिटल, नर्सिंग होम जिनके द्वारा वार्षिक फायर ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है, तो उनकी जानकारी गूगल शीट पर दी जाए। जिन्होंने ऑडिट नहीं कराया है, उनकी रिपोर्ट भी 30 नवंबर से पहले फायर ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त कर गूगल शीट पर दी जाए। निर्देश के बाद भी हॉस्पिटल या नर्सिंग होम फायर ऑडिट रिपोर्ट नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनके लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन भी रद्द हो सकते हैं।
फायर ऑडिट का दायरा…
हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, जिनका भूतल या ज्यादा तलों पर निर्मित एरिया 500 वर्ग मीटर से अधिक है। ऊंचाई 9 मीटर से ज्यादा है। इनमें जरूरी फायर उपकरण होने चाहिए।
हॉस्पिटल संचालकों को 3 साल का अनुभव और योग्य फायर ऑफिसर नियुक्त करना है। साथ ही हर साल 30 जून तक फायर ऑडिट रिपोर्ट देना जरूरी है। फिलहाल फायर ब्रिगेड के पास किसी की भी नई ऑडिट रिपोर्ट नहीं है।